यूपी विधानमंडल मानसून सत्र: अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल, बोले- बजट नहीं है तो स्वीकार करें मुख्यमंत्री
UP Legislature Monsoon Session: Akhilesh Yadav raised questions on health services, said - If there is no budget, then accept the Chief Minister

यूपी विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन हंगामे के साथ कार्यवाही शुरू होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में सवाल-जवाब हुए। सदन के नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाया और कहा कि अगर सरकार के पास बजट नहीं है तो मुख्यमंत्री को स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राइवेट कर देना चाहती है जिससे इलाज आम लोगों से दूर जो जाएगा। उन्होंने इस दौरान सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया। इसके पहले सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही सपा विधायकों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। हालांकि, हंगामे के कुछ देर बाद कार्यवाही शुरू हो गई।

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समाजवादी पार्टी आज विशेषाधिकार हनन का सामुहिक नोटिस सदन में देगी। कल विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे सपा कार्यालय से विधानसभा तक विधायकों के पैदल मार्च को पुलिस ने रोक दिया था। जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित सभी विधायक व कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे।

सपा विधायक राकेश सिंह ने कहा कि विधायक सदन में भाग लेने गाड़ी से जाएगा, पैदल जाएगा या साइकिल से जाएगा ये वो खुद तय करेगा। सरकार के इशारे पर सदन में जाने से विधायकों को रोकना अनैतिक व असंवैधानिक है। हमें विशेषाधिकार प्राप्त है इसलिए हम विशेषाधिकार नोटिस के माध्यम से सदन में इस मामले को उठाएंगे।
 

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