Lucknow Building Collapse: सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की मां की मौत, मलबे में दबी हैं पत्नी, 16 घंटे से रेस्क्यू जारी

Lucknow Building Collapse: SP's national spokesperson's mother dies, wife buried under debris, rescue continues for 16 hours

Lucknow Building Collapsed: लखनऊ बिल्डिंग हादसे में पहली मौत हुई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्बास हैदर और कांग्रेस नेता जीशान हैदर की मां बेगम हैदर की मौत हो गई है. उन्हें बिल्डिंग गिरने के करीब 15 घंटे बाद बाहर निकाला जा सका था. नाजुक हालत में उन्हें सिविल अस्पताल में लाया गया था. डॉक्टर्स के तमाम प्रयास के बाद भी अब्बास और जीशान की मां को बचाया नहीं जा सका. अभी अब्बास की पत्नी मलबे में दबी हैं.


बताया जा रहा है कि अब्बास हैदर का परिवार अपार्टमेंट के सबसे ऊपर बने पेंट हाऊस में रहता था. सोमवार शाम को अचानक बिल्डिंग गिरी तब अब्बास हैदर, अपनी पत्नी और मां के साथ पेंट हाऊस में थे. अब्बास हैदर को निकाला गया, लेकिन उनकी पत्नी और मां की तलाश जारी थी. आज सुबह करीब 10 बजे अब्बास की मां को बाहर निकाला गया.


सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर की मां को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया. उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी. डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन वह बचाई न जा सकी. अभी अब्बास हैदर की पत्नी के साथ ही एक और महिला के दबे होने की आशंका है. अब्बास हैदर की पत्नी को लोकेट कर लिया गया है, जबकि दूसरी महिला का लोकेशन न मिल रहा है. 

20 सेकंड में गिरी पूरी बिल्डिंग

मंगलवार शाम जब अलाया अपार्टमेंट गिरा, उस समय पर पड़ोस में रहने वाले नावेद अहमद सड़क पर ही घूम रहे थे. उनके आंखों के सामने ही अचानक पूरी बिल्डिंग धमाके तेज आवाज के साथ गिर गई. नावेद अहमद ने आजतक से बातचीत में कहा कि मैं सड़क पर ही था, तभी अचानक लगभग 20 सेकंड तक इतनी तेज आवाज में हुई.

प्रत्यक्षदर्शी नावेद अहमद ने बताया कि 20 सेंकड की आवाज के बाद देखा तो पूरी बिल्डिंग गिर गई, चारों तरफ धुंआ-धुंआ था, पुलिस को भी फोन किया और अपार्टमेंट के पेंट हाउस में रहने वाले हैदर परिवार को मैंने ही सूचित किया था, जिसके बाद प्रशासन के लोगों ने पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.


अभी तक 15 लोगों को बाहर निकाला गया

अलाया अपार्टमेंट गिरने के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. करीब 16 घंटे से चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय पुलिस के जवानों को लगाया गया है. अभी तक 15 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिसमें एक महिला की मौत हो चुकी है. इसके अलावा अभी दो महिलाएं मलबे में दबी हुई हैं. इस बिल्डिंग को यजदान बिल्डर्स ने बनाया था.

सीएम के आदेश पर जांच समिति गठित

अलाया अपार्टमेंट के जमींदोज होने के बाद लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लखनऊ शहर में यजदान बिल्डर्स  द्वारा बनाई गई अन्य बिल्डिंगों का चिन्हाकन के आदेश दिए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसमें आयुक्त रोशन जैकब, संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया और चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी रहेंगे. ये समिति इस हादसे के लिए ज़िम्मेदार लोगों को चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देगी.


 

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