कानपुर: जमानत पर छूटकर आए हेड कांस्टेबल ने एसपी के सीयूजी नंबर पर सुनाईं धारा प्रवाह गालियां और दी धमकी
Kanpur: The head constable, who came out on bail, heard the flow of abuses and threats on the CUG number of the SP

कानपुर देहात जनपद की पुलिस लाइन में तैनात निलंबित एवं जमानत पर जेल से छूटे हेड कांस्टेबल ने फतेहपुर एसपी के सीयूजी नंबर पर धारा प्रवाह गालियां देते हुए धमकी भी दी, यह एक बार नहीं बल्कि कई बार दोहराया। मामले में एसपी के पीआरओ ने एचसीपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 

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एसपी के पीआरओ राजेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक शुक्रवार की देर रात पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह का सीयूजी नंबर उनके पास था। इसपर आई एक कॉल पर कानपुर देहात जनपद की पुलिस लाइन में तैनात निलंबित हेड कांस्टेबल (एचसीपी) राजेंद्र सिंह चौहान ने खजाना गारद में मानक के सापेक्ष फोर्स न होने की बात कही। इसपर पीआरओ ने पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक एंव गणना कार्यालय के आरक्षी वीर कुलवंत को कालर का मोबाइल नंबर देकर फोर्स की जनशक्ति पूरी करने के लिए कहा। 

इसके बाद भी कालर अलग-अलग नंबरों से काल करके आरक्षी और पीआरओ से गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देता रहा। नाम पूछने पर एचसीपी राजेंद्र सिंह चौहान बताया। इसपर पीआरओ ने सदर कोतवाली में मध्यरात्रि आरोपित हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह चौहान के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालना व धमकी देने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी वीर सिंह ने बताया कि आरोपित हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह चौहान की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

मकान में पुलिस का छापा, नहीं मिला एचसीपी


कोतवाली इंस्पेक्टर अमित कुमार मिश्रा व हरिहरगंज चौकी प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने आरोपित हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह चौहान के चूना वाली गली कृष्णानगर हरिहरगंज स्थित मकान में कई बार दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। चौकी प्रभारी ने बताया कि अनुमान है कि निलंबित हेड कांस्टेबल ने कानपुर पुलिस लाइन से ही ड्यूटी दौरान काल किया है। 

बंदूक से फायरिंग में भाई-बहन हुए थे जख्मी


पुलिस के अनुसार आरोपित हेड कांस्टेबल 19 मार्च 2022 को घर के पास धार्मिक नारे लगाते हुए अपशब्द बोल रहा था। मोहल्लेवासियों के एतराज पर उसने लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से फायरिंग की थी, जिससे छर्रे लगने से पड़ोसी कासमेटिक दुकानदार चंद्रप्रकाश गुप्ता का 15 वर्षीय पुत्र मयंक व 18 वर्षीय पुत्री वर्तिका जख्मी हुई थी। मयंक के पीठ में गोली लगने से एलएलआर हास्पिटल कानपुर में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने कांस्टेबल के पास से बंदूक बरामद कर जेल भेजा था। तीन माह बाद जून 2022 को वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूटा है।

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