Akhilesh Yadav: राज्यपाल से मिले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आजम खां सहित कई मुद्दों से कराया अवगत
Akhilesh Yadav: राज्यपाल से मिले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आजम खां सहित कई मुद्दों से कराया अवगत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। उनके साथ दर्जन भर विधायक भी मौजूद थे। राजभवन से निकलने के बाद अखिलेश यादव ने  कहा कि राज्यपाल को वर्तमान स्थितियों से अवगत कराया गया है।

आजम खान पर लग रहे लगातार मुकदमे, कानून व्यवस्था, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के मामले को लेकर राज्यपाल को अवगत कराया है।

आजम खान पर हो रहे अत्याचार की बातचीत राज्यपाल से हुई है। अनावश्यक रूप से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। फ़र्ज़ी मुक़दमे लगाए जा रहे हैं। सरकार बदले की नीयत से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार की ओर से किए जा रहे मदरसा सर्वे के खिलाफ है।
 

राजभवन से निकलने के बाद अखिलेश ने बताया कि उन्‍होंने राज्‍यपाल से इस मामले में दखल देने और आजम खान को इंसाफ दिलाने की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि आजम खान पर जिस तरह लगातार मुकदमे लगाए जा रहे हैं जिस तरह की ज्‍यादती की जा रही है उनको लेकर राज्‍यपाल को जानकारी दी है।

उन्‍होंने कहा है कि हमने आग्रह किया है कि आपके माध्‍यम से न्‍याय मिल सकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार लगातार आजम खान और उनके परिवार पर झूठे मुकदमे लगा रही है। आजम खान बीमार हैं। कोविड के दौरान उनका इलाज हुआ, लगातार तकलीफ-परेशानी में रहे। हमने निवेदन किया कि राज्‍यपाल सरकार से कहें कि आजम खान के साथ अन्‍याय न करें। सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों ने भी कहा कि राज्‍यपाल से मुलाकात के दौरान आजम खान के विषय पर विस्‍तार से अपनी बात रखी गई। 

विधानसभा से राजभवन तक आजम ही आजम


पिछले विधानसभा चुनाव और उसके बाद आजमगढ़-रामपुर लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव ने अपनी रणनीति में कई बदलाव किए हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दरअसल, अखिलेश ने यह समझ लिया है कि उन्‍हें 2024 के लोकसभा चुनाव और यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक पार्टी को बीजेपी से मुकाबले के लिए तैयार रखना है तो फिर पार्टी में पूरी तरह एकजुटता कायम करनी होगी।

इसी क्रम में उन्‍होंने पार्टी के पुराने नेताओं और सिपहसलारों को नए से सिरे जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। पिछले दिनों आजमगढ़ जाकर जेल में बंद रमाकांत यादव से मुलाकात करना और लगातार आजम खान का मुद्दा उठाना इसी रणनीति का हिस्‍सा है। इधर, रामपुर में जौहर विश्‍वविद्यालय से दीवार तोड़कर बड़ी संख्‍या में किताबें निकाले जाने और जमीन की खुदाई कर सफाई की मशीनें निकाले जाने की खबरें आईं तो सपा एक बार फिर एक्टिव हो गई है। दो दिन पहले विधानसभा में आजम खान का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि यूनिवर्सिटी की जांच तो ऐसे हो रही है जैसे कोई बम रख दिया हो। 

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