Punjab Earthquake: दिल्ली के बाद पंजाब में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर मापी गई 4.1 तीव्रता

Punjab Earthquake: दिल्ली के बाद पंजाब में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर मापी गई 4.1 तीव्रता

Punjab Earthquake: दिल्ली में झटकों के कुछ दिनों बाद पंजाब में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सोमवार तड़के पंजाब के अमृतसर में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की गहराई जमीन से 120 किलोमीटर नीचे थी।


इससे पहले शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में नेपाल में रिक्टर पैमाने पर 5.4 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दिल्ली के अलावा उत्तराखंड के नई टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, पौड़ी और अन्य शहरों के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए थे।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने कहा कि पंजाब के अमृतसर से 145 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में आज तड़के करीब 3.42 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 120 किमी नीचे थी।

जानें, क्यों आता है भूकंप


सरंचना के मुताबिक, पृथ्‍वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ है जिस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती है। कई बार ये प्लेट्स आपस में टकराती और ज्यादा दबाव पड़ने से ये प्लेट्स टूटने भी लगती है। ऐसे में नीचे उत्पन्न हुई उर्जा बाहर निकलने का रास्‍ता खोजती है और जब इससे डिस्‍टर्बेंस बनता है तो भूकंप आता है।

कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक


0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा।
2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं।
3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं।
5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं।
6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है।
7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था।
8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं।
9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी।

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