राजस्थान के दौसा में बोरवेल में गिरी 2 साल की बच्ची, 100 फीट गहरा गड्‌ढा खोदकर सुरंग के जरिए निकालेंगे
A 2-year-old girl who fell in a borewell in Dausa, Rajasthan, will dig a 100 feet deep pit and take it out through the tunnel

राजस्थान में बांदीकुई (दौसा) के आभानेरी के पास 2 साल की बच्ची 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। घटना सुबह 11 बजे की है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और बच्ची को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। मासूम 100 फीट की गहराई पर नजर आ रही है।

बच्ची को बचाने के लिए बाेरवेल के बगल में 100 फीट गहरा गड्‌ढा खोदा जा रहा है। अब तक 40 फीट तक गड्‌ढा खोदा जा चुका है। रस्सी से बांध कर पानी की बोतल बच्ची तक पहुंचाई गई है। पानी पीने के लिए बोतल पर निप्पल भी लगी हुई है। कैमरे में बच्ची बोतल लिए दिख रही है।

दरअसल, गांव में देवनारायण गुर्जर की बेटी अंकिता सुबह अपने घर के बाहर खेल रही थी। घर के पास ही एक ओपन बोरवेल है। वह खेलते हुए अचानक गिर गई। कुछ देर तक जब बच्ची नहीं दिखी तो घर वालों ने उसकी तलाश की। इसी बीच बोरवेल से उसके रोने की आवाज आई। रोने की आवाज सुनकर घर वालों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी।

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SDRF की टीम चला रही है रेस्क्यू ऑपरेशन


थोड़ी देर के लिए तेज बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था, लेकिन अब एसडीआरएफ की टीम भी बच्ची को बचाने के लिए पहुंच गई है। बच्ची के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा बोरवेल में डाला गया है। कैमरा दिखते ही बच्ची ने उसे पकड़ने की भी कोशिश की। इधर, जैसे ही मां को पता चला तो वह भी उसे देखने मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू टीम ने बताया कि बच्ची मूवमेंट कर रही है और कैमरे को पकड़ने की भी कोशिश की।

आज सुबह ही मिट्टी भरने के लिए खोला था ढक्कन


अंकिता के दादा कमल सिंह (65) ने बताया, 'ये बोरवेल दो साल पहले खोदा गया था, लेकिन वो सूखा निकला। तब इस बोरवेल को ढक्कन लगाकर छोड़ दिया गया। आज सुबह ही मैंने बोरवेल में मिट्टी भरने के लिए ढक्कन खोला था। करीब 11 बजे तक बोरवेल में 100 फीट तक मिट्टी भी भर दी थी। उसके बाद मैं कमरे में थोड़ा आराम करने चला गया और पीछे से अंकिता खेलते हुए बोरवेल के पास पहुंची और गिर गई।' बता दें कि बोरवेल घर के चबूतरे पर ही था।


मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल


बच्ची का पिता डूंगरपुर में है। वह वहां ठेकेदारी का काम करता है। इधर, घर के बाहर खड़ी मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार प्रार्थना कर रही है कि उसकी बेटी सकुशल बाहर निकाल ली जाए। आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार उसे हिम्मत बंधा रहे हैं।


 

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