थायराइड क्या है? इससे कुछ जुड़े 7 ऐसे मिथक जिन्हें सही मानते हैं लोग, जानें क्या है सच्चाई

What is thyroid? 7 such myths related to this which people believe to be true, know what is the truth

World Thyroid Day 2022: आज दुनियाभर में विश्व थायराइड दिवस मनाया जा रहा है। यह खास दिन हर साल 25 मई को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को इस रोग और इससे होने वाली परेशानियों के बार में जागरूक करना है। आइए आज इस खास मौके पर जानते हैं थायराइड से जुड़े 7 ऐसे मिथक जिन्हें आज भी सच मानते हैं लोग। 

क्या है थायराइड( What is Thyroid)?


थायराइड तितली के आकार की एक ग्रंथि है। जो गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ठीक ऊपर होती है। यह एंडोक्राइन ग्रंथि है जिसमें नलिका नहीं होती शरीर में हार्मोन बनाती है। थायराइड की समस्या दो तरह की होती है। एक है हाइपर-थायराइड और दूसरी है हाइपो-थायराइड। हाइपर में हार्मोन अधिक मात्रा में बनने लगता है, जबकि हाइपो में मात्रा कम हो जाती है। दोनों ही तरह की समस्या में हार्मोन उत्पादन संतुलन में नहीं होता।

थायराइड से जुड़े 7 मिथकों के सही जवाब-


1-थायराइड की समस्या सिर्फ मध्यम आयु वर्ग और बड़ी उम्र के लोगों को ही होती है।


सच्चाई-खराब जीवनशैली की वजह से आजकल हर उम्र की लोग इस बीमारी का सामना कर रहे हैं।


2-थायराइड में गांठ होने का मतलब है कि आपको थायराइड कैंसर है।


सच्चाई : थायराइड नोड्यूल्स में सिर्फ 5 प्रतिशत ही कैंसर होते हैं। इसलिए हर गांठ को थायराइड कैंसर कहा जाना सही नहीं है।

3-थायराइड रोग सिर्फ महिलाओं को ही होता है।


सच्चाई : थायराइड को लेकर लोगों के मन में यह भ्रम है कि यह बीमारी सिर्फ महिलाओं को ही होती है। जबकि यह एक बहुत बड़ा मिथ है। थायराइड पुरुष और महिला दोनों को हो सकता है। महिलाओं में थायराइड प्रजनन क्षमता, गर्भावस्था और मासिक धर्म को प्रभावित कर सकता है। थायराइड में पुरुषों में लक्षण अलग हो सकते हैं।

4- अतिरिक्त थायराइड हॉर्मोन लेने से एक्सट्रा ऊर्जा मिलेगी और वजन कम होगा।


सच्चाई : एक्सट्रा थायराइड हॉर्मोन लेने से आपको नुकसान हो सकता है। यह अनिद्रा, अशक्तता, भूख में वृद्धि और दिल की धड़कन जैसे दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। थायराइड की दवा हमेशा डॉक्टर से पूछकर ही लें। 

5-थायराइड के सभी रोगियों में आयोडीन की कमी से होने वाला घेंघा रोग (Goiter) विकसित हो जाता है।


सच्चाई : थायराइड से पीड़ित ज्यादातर रोगियों में घेंघा की समस्या विकसित नहीं होती है।

6-एक बार टीएसएच सामान्य हो जाने पर थायराइड की दवा लेना भी बंद किया जा सकता है।


सच्चाई : दवा के नियमित उपयोग के कारण टीएसएच रिपोर्ट सामान्य आती है। हाइपोथायरायडिज्म के अधिकांश रोगियों को आजीवन दवा की आवश्यकता होती है।

7-हाइपोथायरायडिज्म को खान-पान अच्छा करके ठीक किया जा सकता है।


सच्चाई- सिर्फ आहार अच्छा करके आप अपने थायराइड हार्मोन को सामान्य स्थिति में वापस नहीं ला सकते हैं।


 

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