Dhirendra Shastri Controversy: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा दावा, बताया- क्यों लग रहे हैं इतने आरोप?

Dhirendra Shastri Controversy: Big claim of Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham, told- Why are so many allegations being made?

Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पुजारी पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने वीडियो जारी कर कहा है कि जबसे उन्होंने घर वापसी का मुद्दा उठाया तब से षडयंत्र जारी है. आप लोगों से प्रार्थना है कि आपको सक्रिय होना है. नागपुर वाले विषय पर उनका कहना है कि उन्होंने कोई लीगली चुनौती नहीं दी, हमने उनका रायपुर में आह्वान किया. दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.

धर्मांतरण पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सवाल

नागपुर वाले विषय पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कभी पादरी पर उंगली क्यों नहीं उठाई गई? धर्मांतरण के ऊपर उंगली क्यों नहीं उठाई गई? हम कभी भी अंधविश्वास नहीं फैलाते. हनुमान जी के नाम से पूजा करते हैं. उनकी प्रार्थना करते हैं.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कही घर वापसी कराने की बात

बागेश्वर धाम के पुजारी पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस वीडियो को अंतिम वीडियो बताते हुए कहा कि ज्यादा हमें सफाई नहीं देनी, ये हमारा अंतिम वीडियो है. हम धर्मांतरण रोकेंगे. घर वापसी करवाएंगे. सनातन की बात करेंगे. ये तो अभी ट्रेलर है इससे बड़ी-बड़ी चुनौतियां आनी हैं. हम अभी डर जाएंगे तो मुर्दा हो जाएंगे. ये लोग सनातन को मिटाने की साजिश कर देंगे.

अंधविश्वास फैलाने के आरोपों पर दिया जवाब

इससे पहले ज़ी न्यूज़ को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि अगर बजरंग बली के नाम का प्रचार करना, सनातन धर्म की बात करना, हनुमान चालीसा के उपायों से जोड़ना और माता-पिता के पूजन के बारे में बताना अंधविश्वास है तो भारत के करोड़ों हनुमान भक्त अंधविश्वास फैला रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि बागेश्वर धाम व हनुमान जी प्रेरणा से जो भी हम बोल देते हैं, वह सत्य ही निकलता है. किसी को इसके बारे में बताया नहीं जा सकता. इसको बस अनुभव कराया जा सकता है. इसको करने के लिए कोई फीस या दक्षिणा हम नहीं लेते. इसको अंधविश्वास कैसे कहा जा सकता है.

वहीं, भड़काने वाली बात पर बागेश्वर धाम के पुजारी पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आत्मरक्षा की बात करना भड़काना कैसे हो सकता है. कोई अगर आपकी बहन-बेटी को छुए और आप चुप बैठकर देखते रहो. जब तक कानून आए, तब तक इज्जत लुट जाए. अगर ये भड़काना है तो ये होते रहना चाहिए.

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