UPSC IAS : लगातार 4 बार यूपीएससी प्रीलिम्स में हुईं फेल, 5वें प्रयास में शानदार रैंक लाकर बनीं आईएएस अफसर

UPSC IAS: Failed in UPSC Prelims for 4 consecutive times, became IAS officer by bringing excellent rank in 5th attempt

UPSC IAS : जीवन में आईएएस, आईपीएस अफसर बनने का सपना संजोए लाखों युवा संघ लोक सेवा आयोग ( यूपीएससी - UPSC Civil Services Exam ) की सिविल सेवा परीक्षा की वर्षों तैयारी करते रहते हैं। प्रयासों में असफल होने की चुभन करीबी लोगों के ताने और नकारात्मक बातों के बीच और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस मुश्किल राह पर बहुत से अभ्यर्थी यूटर्न लेकर कोई और फील्ड पकड़ लेते हैं और कुछ डटे रहते हैं। राजस्थान की तनुश्री मीणा की कहानी आपको सिखाएगी कि इस राह में धैर्य, दृढ़ निश्चय, अटल विश्वास, खुद पर भरोसे की कितनी अहमियत होती है। जयपुर की रहने वाली तनुश्री लगातार चार बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के प्रीलिम्स में फेल हुईं। कई अटेम्प्ट देने के बावजूद प्रीलिम्स तक न निकाल पाने के चलते बहुत से उम्मीदवार मैदान छोड़ देते हैं। लेकिन तनुश्री डटी रहीं। मेहनत करती रहीं। आखिरकार 5वें प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में 120वीं रैंक लाकर वह आईएएस अफसर बनीं। 

तनुश्री ने स्कूल में 12वीं कक्षा में ही यूपीएससी का टारगेट सेट कर लिया था। उन्होंने 12वीं साइंस साइड से पास की। यूपीएससी सिविल सर्विसेज की राह पकड़ने के लिए उन्होंने डीयू के मिरांडा हाउस में बीए हिस्ट्री ऑनर्स कोर्स में एडमिशन ले लिया। इसके बाद जेएनयू, दिल्ली से हिस्ट्री में ही एमए किया। लगातार 5 साल इतिहास पढ़ने से उनकी इस विषय में रुचि बन गई। पकड़ भी मजबूत हो गई। इसी विषय को उन्होंने यूपीएससी में अपना ऑप्शनल भी चुना। 

लगातार असफलताओं के बीच मां ने किया प्रोत्साहित
एक के बाद एक प्रीलिम्स में फेल होने पर भी तनुश्री ने हिम्नत नहीं हारी और डटी रहीं। हालांकि लगातार शुरुआती प्रयासों में पहला स्टेज भी क्लियर नहीं कर पाने पर हिम्मत जरूरी टूटती थी लेकिन उनकी मां उन्हें प्रोत्साहित किया करती थीं। उन्होंने कहा, 'बहन को एमबीबीएस करता देख रिश्तेदार बोलने लगे थे कि इसे भी मेडिकल कोर्स करवा देते तो पैसे कमाने लग जाती। लेकिन मां मुझे समझाया करती थी कि तुम्हारा रिजल्ट और काम ही सबकी बोलती बंद करेगा।'

जीके दुरुस्त था, मैथ्स कमजोर
4 बार लगातार प्रीलिम्स में फेल और फिर 5वीं बार में सीधा 120वीं रैंक, ये कैसे हुआ? इस सवाल पर तनुश्री ने कहा कि यूपीएससी क्रैक करने की राह में उनके सामने सबसे बड़ी बाधा प्रीलिम्स था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मुझे कॉन्फिडेंस था कि एक बार अगर प्रीलिम्स निकल गया तो मेन्स और इंटरव्यू आसानी से पास कर लूंगी और अच्छी रैंक हासिल करूंगी। सामान्य अध्ययन मेरा मजबूत था, लेकिन गणित मेरा कमजोर क्षेत्र रहा। सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-2 मुश्किल होता जा रहा है इसलिए 2021 के प्रयास में मेरा ध्यान सीसैट पर था। इससे मुझे प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने और आगे बढ़ने में मदद मिली।'

टॉपरों के इंटरव्यू देखें
तनुश्री ने तैयारी के दौरान मैंने डेली और वीकली टारगेट सेट किए। करंट अफेयर्स ऑनलाइन पढ़ लिया करती थी। एम. लक्ष्मीकांत की राजव्यवस्था, भूगोल के लिए एनसीईआरटी पढ़ी। किताबें व नोट्स सीमित रखे और उन्हें बार बार पढ़ा। नोट्स बार बार अपडेट करती रहती थी। तनुश्री ने बताया कि तैयारी के दौरान वह अक्सर टॉपर्स के वीडियो देखा करती थीं। तलाशती थीं कि वे ऐसा क्या करते हैं जो वह नहीं करतीं। शुभम कुमार, टीना डाबी, अर्तिका शुक्ला के इंटरव्यू देखे। 

घर के खुशमिजाजी वाले माहौल ने तनाव में नहीं आने दिया
एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब वह पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थीं तभी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन पीजी की पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी ठीक तरह से नहीं हो पाती थी। 2018 में मास्टर्स खत्म होने के बाद वह वापस जयपुर लौटीं और घर पर रहकर उन्होंने तैयारी की। उन्होंने कहा, 'सफलता में मेरे परिवार वालों ने मेरा काफी साथ दिया। घर का खुशमिजाजी वाला माहौल मुझे तनाव में नहीं आने देता था। उनके साथ घर पर रहकर सामान्य जिंदगी ही जिया करती थी। प्रीलिम्स से पहले रोजाना 8 से 10 घंटे मैं पढ़ा करती थी। यूपीएससी का मेन्स आते आते मैं रोजाना 13-14 घंटे पढ़ा करती थी। इंटरव्यू के दौरान मैंने लाइटली लिया क्योंकि उसमें पढ़ाई से ज्यादा पर्सनैलिटी मैटर करती है। तब मैं खुद पर ज्यादा ध्यान देती थी। बैठे बैठे खुद से ही सवाल बनाती रहती थी कि अगर ये सवाल पूछा गया तो उसका क्या जवाब दूंगी। तब मैं पढ़ने से ज्यादा सोचने पर काम करती थी। विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करने पर जोर रहता था।  

युवाओं को संदेश
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहीं लड़कियों को तनुश्री ने संदेश देते हुए कहा कि आपको अपने सपने पूरा करने के लिए लड़ना पड़ेगा। कोई चीज जीवन में करना चाहते हैं तो पेरेंट्स से खुलकर बात करें। लोग कुछ न कुछ कहते रहेंगे। लेकिन आप नकारात्मक बातों को इग्नोर करें। परीक्षा की तैयारी में निरन्तरता बनाए रखें, उत्साही रहें और सदैव अपने लक्ष्य पर फोकस रखें। 

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