Success Story: यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल ने 14 साल की मेहनत और बन गया एसडीएम! ऐसी है कहानी

Success Story: Constable of UP Police worked hard for 14 years and became SDM! such is the story

UPPSC Success Story: पढ़ाई की जब बात आती है तो स्टूडेंट्स अफसर बनने के लिए खूब पढ़ाई करते हैं. वह इसके लिए अपना बेस्ट देते हैं. आज हम यूपी पुलिस के एक ऐसे कांस्टेबल की बात कर रह हैं जो 14 साल कांस्टेबल की नौकरी करने के बाद SDM बन गया. हम बात कर रहे हैं श्याम बाबू की. जिस उम्र में युवा यह तय करने में लगे होते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए उस उम्र में श्याम बाबू ने सरकारी नौकरी पा ली थी. वह यूपी पुलिस में कांस्टेबल बन गए थे. जब उनकी नौकरी लग गई तो उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी वह लगातार पढ़ाई करते रहे. 

यूपी पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी के दौरान श्याम बाबू ने साल 2016 में यूपीपीसीएस का एग्जाम दिया था. जैसे ही UPPCS का रिजल्ट आया तो श्याम बाबू की लाइफ एकदम बदल गई. श्याम बाबू अफसर के पद पर सेलेक्शन हो गया था और उनकी 52वीं रैंक आई और वो एसडीएम बन गए. 

यूपी पुलिस में नौकरी के लिए श्याम बाबू का साल 2005 में युपी पुलिस में सेलेक्शन हुआ था. इसके बाद उन्होंने अपने बड़े भाई उमेश को भी पढ़ाया और इसका फल भी उन्हें मिला. क्योंकि श्याम बाबू के बडे़ भाई भी अफसर हैं. यूपी पुलिस में नौकरी के दौरान पढ़ाई करके यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने14 साल इंतजार किया. 

श्याम बाबू का यूपी पुलिस में सेलेक्शन 12वीं के बाद ही हो गया था. नौकरी मिलने के बाद श्याम बाबू ने पढ़ाई नहीं छोड़ी. नौकरी करते हुए ही उन्होंने साल 2008 में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली. ग्रेजुएशन करने के बाद वह यहीं नहीं रूके और उन्होंने 2012 में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूर कर ली. ग्रेजुएशन पूरी करने के साथ ही नेट भी क्वालिफाई कर लिया. 

हालांकि यह नौकरी वह ज्यादा लंबे समय तक नहीं कर पाए. नौकरी पाने के लिए पेपर्स में कुछ गड़बड़ी के आरोप में उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया. कई लेवल पर हुई जांच में पेपर फर्जी साबित होने के बाद अपर मुख्य सचिव ने यह आदेश जारी किया. 2016 की पीसीएस परीक्षा में सेलेक्ट होकर सिपाही से एसडीएम बने. वह सबसे पहले बलिया जिले के बैरिया तहसील के SDM बने थे. 

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