राजीव नारायण मिश्र माघ मेले के SP बने:राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित राजीव को लगातार तीसरी बार योगी सरकार ने सौंपी माघ मेले की कमान

Rajiv Narayan Mishra became the SP of Magh Mela: Yogi government handed over the command of Magh Mela to Rajiv, who was awarded the President's Bravery Award, for the third time in a row.

Prayagraj News: 34 में पीएसी वाहिनी वाराणसी में सेनानायक के पद पर तैनात डॉ. राजीव नारायण मिश्र को एक बार फिर माघ मेला एसपी बनाया गया है। इससे पहले भी 2020 21 वा 2021-22 के कोरोना पीरियड में राजीव नारायण मिश्र को माघ मेले को सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

उनके कुशल मार्गदर्शन में माघ मेला सकुशल संपन्न हुआ था। डॉ. मिश्रा ने माघ मेले में आने वाले सुरक्षाकर्मियों की भी कोविड-19 टो कॉल के तहत जांच कराई थी। जिन पुलिसकर्मियों में कोविड महामारी के लक्षण पाए जाते थे उन्हें अलग क्वारंटाइन कर दिया जाता था। यही कारण रहा कि माघ मेले में लगे सुरक्षाकर्मियों और पुलिस पीएसी के जवानों में कोरोना कम फेल पाया। जिससे मेला प्रशासन को जरूरत के मुताबिक फोर्स जगह-जगह तैनात करने में मदद मिली थी। व्यवहार कुशल व मृदुभाषी होने के कारण डॉक्टर मिश्र के ऊपर योगी सरकार ने एक बार फिर भरोसा करते हुए माघ मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है।

राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित हैं डॉ. राजीव

माघ मेला में मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, पौष पूर्णिमा, बसंत पंचमी व महाशिवरात्रि सबसे बड़े स्नान पर्व माने जाते हैं। पिछले साल मौनी अमावस्या को संगम पर अचानक से भीड़ बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी पर डॉ. राजीव नरायण मिश्र की मुस्तैदी से बड़ा हादसा होने से बच गया था।

डॉ. राजीव नारायण मिश्र को अयोध्या में 2005 में हुए आतंकवादी हमले में आतंकवादियो को ढ़ेर करने में सराहनीय योगदान देने के लिए राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक व अन्य बहुत से पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्तमान में डॉ. राजीव नारायण मिश्र, सेनानायक 34वीं वाहिनी पीएसी, वाराणसी में नियुक्त हैं‌ तथा पूर्व में एसएसपी, एसटीएफ, लखनऊ व कुशीनगर के कप्तान भी रह चुके हैं।

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