Prayagraj Magh Mela: मौनी अमावस्या पर संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं पर हो रही पुष्पवर्षा

Prayagraj Magh Mela: Flood of faith in Sangam on Mauni Amavasya, raining flowers on devotees

Prayagraj News: संगम की रेती पर लगे माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. कड़ाके की ठंड के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. माघ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को ही माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या भी कहते हैं. मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर त्रिवेणी में स्नान और दान करना कई गुना अधिक फलदायी माना गया है. ऐसी मान्यता है कि त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं के शरीर के साथ ही आंतरिक काया का भी शुद्धिकरण होता है.

मौनी अमावस्या का पर्व तप योग का पर्व है. मौनी अमावस्या के दिन परिक्रमा, पूजन, स्नान, दान, तप और योग का विधान है. इस बार शनिवार को मौनी अमावस्या पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जा रहा है. शनिश्चरी अमावस्या का योग गंगा स्नान के महत्व को कई गुना बढ़ा रहा है. मौनी अमावस्या पर तिल के साथ ही अपनी सामर्थ्य़ के मुताबिक दान करना विशेष लाभकारी होता है. इस दिन कल्पवासियों द्वारा चौरासी प्रकार के दान किये जाने की भी परंपरा है. मौन रहकर गंगा में कम से कम तीन डुबकी अवश्य लगानी चाहिए. आज ब्रह्म मुहूर्त से पूरे दिन मौनी अमावस्या के स्नान का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को मिलेगा. खासतौर पर अभिजित मुहूर्त में मध्यकाल में पूजन का विशेष महत्व है.

श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा


वहीं योगी सरकार की ओर से भी मौनी अमावस्या के महापर्व पर श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की तैयारी की गई है. मौनी अमावस्या पर आने वाले श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर से निगरानी की जाएगी. माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. 650 हेक्टेयर और छह सेक्टर में बसाई गये माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं. मेला क्षेत्र की सुरक्षा में 5000 पुलिसकर्मी, सिविल ड्रेस में इंटेलिजेंस और एलाईयू के जवान तैनात किए गए हैं. वही स्नान घाटों पर दीप वाटर बैरिकेटिंग, जल पुलिस और गोताखोर लगाए गए हैं.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम


जिले के आला अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं. माघ मेले की सुरक्षा 200 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरे से भी की जा रही है. मेला क्षेत्र में एटीएस, आरएएफ, बीडीएस और खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है. मेले में आने वाली भीड़ का आई ट्रिपल सी में बनाए गए कंट्रोल रूम से लगातार मैनेजमेंट किया जा रहा है. माघ मेले में आए श्रद्धालुओं के सकुशल घर वापसी के लिए रेलवे और परिवहन निगम के साथ बेहतर समन्वय कर बसों और स्पेशल ट्रेनों का भी इंतजाम किया गया है.

Share this story