​​​​ Noida News: नोएडा टि्वन टावर मलबा निस्तारण का रुका काम:80 हजार मीट्रिक टन मलबा का तीन महीने में होना था निस्तारण

​​​​  नोएडा टि्वन टावर मलबा निस्तारण का रुका काम:80 हजार मीट्रिक टन मलबा का तीन महीने में होना था निस्तारण

​​​​Noida News: शहर में बढ़ते प्रदूषण और GRAP के लागू होने के बाद अब टि्वन टावर के मलबे का निस्तारण रोक दिया गया है। इस मलबे को तीन महीने में हटाया जाना था। ऐसे में टावर के मलबा को हटाने में लगे 235 मजदूरों को छुट्टी दे दी गई है। ये काम प्रदूषण हटने के साथ दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके अलावा एक पैसेज का निर्माण किया जाना है। जिसे भी रोक दिया गया है।

ट्विन टावर के मलबा को ग्रीन नेट से ढक दिया गया है, ताकि धूल न उडे़। मशीनों को बंद कर दिया गया है। यहां काम करने वाले मजदूर नदारद नजर आ रहे हैं, क्योंकि यहां पर मलबा हटाने के काम को पूरी तरह से रोक दिया गया है। मलबा से निकले स्कैप को कुछ मजदूर जरूर ट्रक में भर रहे हैं, ताकि इन्हें हटाया जा सके। लेकिन, मलबे को तोड़ने और उसे हटाने के काम पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

28 अगस्त को ध्वस्त किया गया था टि्वन टावर


नोएडा सेक्टर-93ए में बने सुपरटेक ट्विन टावर को 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुरक्षित तरीके से ब्लास्ट करके गिरा दिया गया था। इस दौरान करीब 80 हजार मीट्रिक टन मलबा निकला था। बता दे एडफिस इंजीनियरिंग को 50 मीटर लंबी, नौ मीटर चौड़ी, चार मीटर गहरा एक पैसेज बनाना है। इसके लिए 45 हजार मीट्रिक टन मलबा प्रयोग किया जाएगा। हालांकि इसका काम भी रोक दिया गया है।

दरअसल टि्वन टावर के मलबे को हटाने के लिए एडिफिस इंजीनियरिंग को तीन महीने का समय दिया गया है। इसमें 15 दिन का समय अथॉरिटी से एनओसी न मिल पाने के कारण यूं ही बर्बाद हो गया था। अब नवंबर में प्रदूषण बढ़ने से जो अड़चन आ रही है, इससे यहां से मलबा जल्द साफ होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

सुपरवाइज़र रोहित कुमार बताते हैं कि ग्रैप लागू होने के बाद एनजीटी के मानकों के अनुसार मलबा हटाने के काम को रोक दिया गया है। अब तक इस साइट से 25 ट्रक यानी लगभग 510 मीट्रिक टन लोहे का स्कैप हटाया जा चुका है, जबकि 5340 मीट्रिक टन कॉन्क्रीट और मलबा 267 ट्रकों में लाद कर हटाया गया है। उनका कहना है कि अग्रिम आदेश तक काम को चालू नहीं किया जाएगा।

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