Greater Noida News: आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को मिली जमानत, पढ़िए पूरी खबर
आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को मिली जमानत, पढ़िए पूरी खबर


RTI Activist Chandra Mohan Sharma  Bail: ग्रेटर नोएडा आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा (RTI Activist Chandra Mohan Sharma) को अपनी हत्या, अपहरण और सबूतों को नष्ट करने के मामले में जमानत मिल गई है। खुद की मौत का स्वांग रचकर अपनी कार में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त को जिंदा जलाने वाले चंद्र मोहन शर्मा को हाई कोर्ट (HighCourt) से जमानत मिल(Bail)  गई है। यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि इस सनसनीखेज मर्डर का राज खुला तो लोग हैरान रह गए थे।

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दरअसल, 1 मई 2014 की बेहद गर्म रात जब ग्रेटर नोएडा में एक कार जलकर राख हो गई और उसमें बैठा शख्स हड्डियों के ढांच में तब्दील हो गया।  पत्नी सविता शर्मा ने जैसे ही खबर सुनी तो तुरंत यह आरोप लगा दिया कि मेरे पति चंद्रमोहन शर्मा आरटीआइ एक्टीविस्ट थे इसलिए दुश्मनों ने उन्हें कार में जिंदा जला दिया। 

 

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प्रेमिका को पाने के लिए पत्नी को दिया धोखा


पत्नी के आरोपों ने ग्रेटर नोएडा पुलिस (Greater noida police) के होश उड़ा दिए। मीडिया ने चंद्रमोहन शर्मा की तथाकथित मौत को लेकर इस तरह रिपोर्टंग की कि वह दया का पात्र हो गया। ग्रेटर नोेएडा पुलिस जांच में जुटी रही। इस बीच जगत फार्म के पास से एक शख्स गायब मिला। डीएनए कराया गया तो यह तय हो गया कि चंद्रमोहन जिंदा है।

आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को मिली जमानत, पढ़िए पूरी खबर

 

आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को मिली जमानत, पढ़िए पूरी खबर


पुलिस के पास चंद्रमोहन शर्मा पर शक की थी कई वजहें


ग्रेटर नोएडा पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि चंद्रमोहन प्रकरण के कुछ दिन बाद उसकी एक परिचित महिला भी अचानक अपने घर से लापता हो गई है। पुलिस ने चंद्रमोहन शर्मा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल को खंगाला तो पता लगा महिला के साथ वह अक्सर लंबी बातचीत करता रहता था।

 

पुलिस ने महिला का नंबर भी इलेक्ट्रानिक सर्विलांस पर लगा दिया, जिसके आधार पर अपनी मौत का नाटक कर लापता हुए चंद्रमोहन का सुराग हाथ लग गया।  यह भी बताया जा रहा है कि चंद्रमोहन ने अपनी पत्नी को भी फोन किया था। चंद्रमोहन शर्मा की तलाश में हरियाणा, नेपाल बार्डर तथा बेंगलूर में तीन टीमें भेजी गई थीं। जांच के बाद दो टीमें लौट आईं जबकि बेंगलेरू गई टीम ने उसे खोज निकाला। चंद्रमोहन एक महिला मित्र के साथ अपनी पहचान बदल वहां रह रहा था। इतना ही नहीं, उसने अपना नाम और पहचान बदलकर नौकरी तक ढूंढ़ ली थी।

 


 

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