Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने पांच माह में वसूले डेढ़ अरब रुपये, कई बिल्डरों के कार्यालय हुए सील
Greater Noida administration recovered 1.5 billion rupees in five months, offices of many builders sealed

ग्रेटर नोएडा : रेरा की ओर से जारी आरसी के सापेक्ष कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने बिल्डरों के साथ ही अन्य मदों में लगभग डेढ़ अरब रुपये की वसूली की है। यह कार्रवाई पिछले पांच माह के दौरान की गई है। बिल्डरों का कार्यालय सील करने, उनका बैंक अकाउंट फ्रीज करने, काम बंद कराने सहित अन्य कड़ी कार्रवाई की गई। बिल्डरों पर बकाया लगभग तीन अरब रुपये की आरसी की वसूली जिला प्रशासन के लिए अभी चुनौती है।

अधिकतर बिल्डरों के द्वारा लोगों के मेहनत की कमाई हड़प ली जाती है। लोगों को जल्द आशियाना देने का सपना दिखाया जाता है और वादा पूरा नहीं करते हैं। परेशान लोगों की ओर से बिल्डरों के खिलाफ रेरा में याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद रेरा ने बिल्डरों से वसूली के लिए आरसी जारी की गई थी।

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आरसी की वसूली के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया। बिल्डरों के कार्यालय को सील कर दिया गया। उनके बैंक अकाउंट जब्त कर लिए गए। लगातार की जाने वाली कड़ी कार्रवाई का परिणाम पांच माह में डेढ़ अरब रुपये की वसूली के रूप में सामने आया। अन्य बिल्डरों पर बकाया वसूली के लिए प्रशासन की कार्रवाई जारी है।

दादरी तहसील में हुई अधिक वसूली


वसूली की कार्रवाई विभिन्न मदों जैसे रेरा, वाहन, विद्युत, बैंक, स्टांप, मनोरंजन, भट्टा, नगरपालिका, श्रम देय, ग्राम समाज सहित अन्य मदों में की गई है। वसूली की लगभग 75 प्रतिशत कार्रवाई दादरी तहसील के द्वारा गई है। अन्य वसूली सदर तहसील में हुई है।

इन बिल्डरों से हुई है अधिक वसूली


बिल्डरों से वसूली के लिए पिछले चार माह के दौरान प्रशासन की टीम ने रेडिकान, केलटेक, ग्रीन बिल्डर्स, पार्श्वनाथ, जियोटेक, अर्थकान, ला रेजिडेंसिया सहित अन्य बिल्डर का कार्यालय सील किया। दादरी तहसील प्रशासन ने लगभग 22 करोड़ रुपये की वसूली वेब सिटी बिल्डर से की है।

साथ ही लॉजिक्स से पांच, सुपरटेक टाउनशिप से डेढ़, रुद्रा चार, सनवर्ल्ड से छह करोड़ सहित अन्य बिल्डरों से वसूली की गई है। सदर तहसील प्रशासन ने ग्रीन वे इंफ्रास्ट्रक्चर से एक करोड़ तीस लाख, पार्श्वनाथ डेवलपर्स से एक करोड़ चालीस लाख, जयदेव इंफ्रास्ट्रक्चर व वर्धमान एस्टेट बिल्डर से एक-एक करोड़ रुपये की वसूली की है।


रेरा की ओर से जारी आरसी के सापेक्ष वसूली की कार्रवाई लगातार जारी है। वसूली के लिए बिल्डरों का कार्यालय सील कर उनका काम रुकवाया जा रहा है।

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