Greater Noida Crime News: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने महिला कॉन्स्टेबल समेत पांच गिरफ्तार, जानिये पूरा मामला

Greater Noida Police arrested five including female constable, know the whole matter

Greater Noida Crime News:  : ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक बहुत बड़े फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। लैप्स हुई इंश्योरेंस पालिसी का सेटलमेंट कर ठगी करने वाले गैंग साइबर सेल ग्रेटरनोएडा व थाना दादरी पुलिस ने जॉइंट आपरेशन के बाद एक महिला कॉन्स्टेबल सहित 05 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बीमा लोकपाल बनकर कॉल करते थे।

पॉलिसी के लैप्स हुए पैसे को कई गुना बढ़ाकर पैसे रिकवर कराने का झांसा देते थे। इस मामले में एच्छर चौकी प्रभारी रंजीत निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। ​​​​​​डीसीपी अभिषेक वर्मा ने बताया पकड़े की महिला कॉन्स्टेबल प्रियंका मास्टर माइंड दीपक पति पत्नी है। प्रियंका शामली में कॉन्स्टेबल है।

इसका बैंक खाता फ्राड की रकम जमा करने के लिए प्रयोग किया जाता था। अब तक ठगी के 12 लाख रुपए इसके खाते में ट्रांसफर किए गए। ये पैसा पीड़ित अशोक शर्मा से ठगी के बाद डाले गए थे। इनसे ठगों ने अस्सी लाख रुपए की ठगी की। ये पैसा ये रजिस्ट्रेशन चार्ज व अन्य चार्ज के नाम पर बैंक खातों में डलवाई गई। पुलिस ने बताया कि गिरोह 2019 से सक्रिय है। अब तक सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके है।

इस मामले में कई पुलिस कर्मियों के नाम भी सामने आ रहे है। जिनके खिलाफ जांच की जा रही है। इसमें एक पुलिस कॉन्स्टेबल सहारनपुर में भी पोस्टेड है। इसके अलावा अन्य पुलिस कर्मियों का नाम भी सामने आया है। जिनके खिलाफ जांच की जा रही है। इनके पास से 08 मोबाइल, 06 सिमकार्ड, 04 एटीएम कार्ड, 05 डायरी, 04 डाटाशीट, 02 मोहर (01 मोहर जीबीआइसी, दूसरी मोहर मिनिस्ट्री फाइनेंस), 02 आधार कार्ड बरामद किए गए है।

किराए पर लेते अकाउंट और किट


फ्राड का पैसा जमा करवाने के लिए ये लोग किराए पर करंट अकाउंट लेते थे। ये अकाउंट किराए पर लिया जाता था। हाल ही में फ्राड के लिए गिरोह ने 10 हजार रुपए में किराए पर अकाउंट लिया था। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए ये लोग मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस और आरबीआई की नकली मुहर लगाकर डॉक्यूमेंट दिखाते थे।

ये हुई पहचान


पकड़े गए आरोपियों में एक महिला कॉन्स्टेबल प्रियंका पत्नी दीपक है। जिसके खाते में फ्राड की रकम जमा कराई जाती थी। ताकि किसी को शक न हो। इसके अलावा दीपक कुमार पुत्र ओमप्रकाश निवासी ये गाजियाबाद की इंश्योरेंस कंपनी में काम कर चुका है। जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी अलीगढ, विशाल त्यागी निवासी मुजफ्फरनगर इसका काम लोगों का डाटा और डिटेल लेना था। वहीं इन सभी संरक्षण देता था।

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