Delhi MCD Mayor Election: दिल्ली में मेयर चुनाव आज, जानें कौन-कौन उम्मीदवार; कैसे होता है मतदान

Delhi MCD Mayor Election: दिल्ली में मेयर चुनाव आज, जानें कौन-कौन उम्मीदवार; कैसे होता है मतदान

Delhi Mayor Election : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के बाद आज शुक्रवार को होने वाली निगम की बैठक पहली में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होने जा रहा है। सुबह 11 बजे दिल्ली नगर निगम मुख्यालय सिविल सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा। इस दौरान सभी नवनिर्वाचित पार्षद शपथ लेंगे। इसके बाद निगम के मेयर का चुनाव होगा। मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाने के बाद स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव होंगे। उपराज्यपाल ने निगम अधिनियम की धारा 77 के तहत मेयर के चुनाव में बैठक की अध्यक्षता करने के लिए पार्षद सत्या शर्मा को नामांकित किया है।

निगम अधिकारियों ने बताया कि मेयर पद के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से शैली ओबरॉय और विकल्प के तौर पर आशु ठाकुर, जबकि भाजपा की तरफ से पार्षद रेखा गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया है। डिप्टी मेयर पद के लिए आप की तरफ से पार्षद आले मोहम्मद इकबाल और विकल्प के तौर पर पार्षद जलज कुमार ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि भाजपा की तरफ से कमल बागरी डिप्टी मेयर पद के लिए हैं।

बताया गया कि स्थायी समिति सदस्य के लिए आप पार्टी की तरफ से मोहिनी, सारिका चौधरी, मोहम्मद आमिल मलिक तथा रमिंदर कौर हैं। भाजपा की ओर से कमलजीत सहरावत और पंकज लूथरा ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि निर्दलीय पार्षद गजेंद्र सिंह दराल ने भी स्थायी समिति सदस्य के लिए अपना नामांकन किया था।

एमसीडी में किसके पास कितने पार्षद 

आप     :  134 
भाजपा  :  104
कांग्रेस  :   09
अन्य     :   03

चयन प्रक्रिया ऐसे होगी

● पहले पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिनमें मनोनित पार्षद भी शामिल रहेंगे।

● शपथ ग्रहण के बाद मेयर के चुनाव के लिए वोटिंग होगी।

● 250 पार्षदों के अलावा 10 सांसद तथा 14 विधायक मेयर और डिप्टी मेयर के लिए मत का प्रयोग करेंगे।

● महापौर चुने जाने के बाद वह आसन ग्रहण करेंगे और फिर उपमहापौर के लिए चुनाव कराएंगे।

● इसके बाद मेयर स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव कराएंगी।

● मनोनीत पार्षदों को सिर्फ जोन चेयरमैन के लिए होने वाले चुनाव में ही वोट करने का अधिकार है।

 सफेद, हरे और गुलाबी रंग की मत पेटी


● नगर निगम में मतदान के लिए कुल दो बूथ बनाए गए हैं।

● महापौर के चुनाव के लिए सफेद रंग की मत पेटी होगी।

● उपमहापौर के चुनाव के लिए हरे रंग की मत पेटी होगी।

● स्थायी समिति सदस्यों के चुनाव के लिए गुलाबी रंग की मत पेटी।

सत्या शर्मा निभाएंगी पीठासीन अधिकारी की भूमिका

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने निगम पार्षद सत्या शर्मा को मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी मनोनीत किया है। अन्य पार्षदों को उन्हीं के द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। वार्ड संख्या 226 से पार्षद सत्या शर्मा निगम की पहली बैठक के लिए पीठासीन अधिकारी होंगी। जिला दंडाधिकारी संतोष कुमार राय द्वारा उन्हें शपथ दिलाई जाएगी, जबकि अन्य पार्षदों को सत्या शर्मा शपथ दिलाएंगी। सत्या शर्मा की देखरेख में मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


इस बार चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेगी कांग्रेस

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा है कि नगर निगम में मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के लिए होने वाली चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा कांग्रेस पार्षद नहीं बनेंगे। वहीं, पार्टी ने सदन में नाजिया दानिश को कांग्रेस दल का नेता, शीतल को उपनेता और शगुफ्ता चौधरी को कांग्रेस पार्टी का चीफ व्हिप नियुक्त किया है। अनिल चौधरी ने कहा कि दिल्ली की जनता ने कांग्रेस को भाजपा और आम आदमी पार्टी के खिलाफ समर्थन दिया है। इसका सम्मान करते हुए पार्टी मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के चुनाव से दूरी बनाएगी। दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को बहुमत दिया है, इसलिए वे अपना मेयर बनाएं।

मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति असंवैधानिक : सीएम

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नगर निगम में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए इस पर उपराज्यपाल से पुनर्विचार करने के लिए कहा है। इसे लेकर गुरुवार को उन्होंने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने दिल्ली सरकार के प्रशासनिक कामकाज में हस्तक्षेप करने के साथ काम को बाधित करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने इसे पूरी तरह से दिल्ली में विभाजित शक्तियों के खिलाफ बताया है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा है कि निगम में मनोनीत पार्षदों का नामांकन का प्रस्ताव दिल्ली के शहरी विकास मंत्री के माध्यम से भेजे जाते हैं, लेकिन इस मामले में एमसीडी आयुक्त ने फाइलें सीधे उपराज्यपाल को भेजी हैं।

शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने निगमायुक्त ज्ञानेश भारती को चिट्ठी लिखकर उन दस पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इनकी नियुक्ति चुनी हुई सरकार को दरकिनार करके हुई है। नामांकन की फाइलों को शहरी विकास विभाग एवं उसके प्रभारी मंत्री के कार्यालय को बिना भेजे और वहां से स्वीकृत हुए बिना एमसीडी में नामित किया गया है, जबकि मैं विभाग का सक्षम प्राधिकारी हूं।


 

Share this story